प्रदेश में लगातार घट रही शिक्षक भर्तियों का असर:बीएड; 1 लाख 8 हजार आवेदन, चौथी बार बढ़ाई अंतिम तिथि

प्रदेश में लगातार घट रही शिक्षक भर्तियों का असर बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश पर पड़ रहा है। इसमें प्रवेश के लिए होने वाले प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET-26) में इस बार सबसे कम आवेदन आए हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। अब तक महज 1.08 लाख विद्यार्थियों ने पीटीईटी के लिए आवेदन किया है। अब चौथी बार अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 मई की गई है।

बता दें कि पिछले साल की तरह इस साल भी प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट-2026 की जिम्मेदारी वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) कोटा को मिली है। वीएमओयू ने 20 फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। प्रदेश में सरकारी व निजी बीएड कॉलेजों की संख्या करीब 944 है। इन कॉलेजों में बीएड की 1.10 लाख सीटें हैं। इनके लिए कभी 5 लाख आवेदन होते थे। इस बार बमुश्किल 1 लाख से अधिक पहुंचे हैं। इसका कारण समय पर शिक्षक भर्ती नहीं निकलना है।

बीएड के प्रति रुझान घटने का सबसे बड़ा कारण है भर्तियों में देरी। तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल टू व वरिष्ठ अध्यापक भर्ती नियमित रूप से नहीं होती। स्नातक के बाद बीएड पाठ्यक्रम पूरा करने पर इन दोनों भर्तियों में आवेदन किया जा सकता है। वर्ष 2022 के बाद तो भर्तियों की संख्या बहुत कम रही है। भर्तियों में देरी से बीएड डिग्रीधारी युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा अब युवा ट्रेडिशनल बीएड के बजाय स्किल-बेस्ड कोर्स और मैनेजमेंट की तरफ ज्यादा रुख कर रहे हैं।