Kolkata Durga Puja 2020: बंगाली स्टाइल में धोती पंजाबी में मां दुर्गा की पूजा करेंगे पीएम मोदी

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। Durga Puja: भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की ओर से 22 अक्टूबर को साल्टलेक के इजेडसीसी में होने वाली दुर्गा पूजा की तैयारी जोरों से चल रही है। इस पूजा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, महाषष्ठी की सुबह पीएम मोदी बंगाल के लोगों को दुर्गा पूजा की शुभकामना देने वाले हैं। ऐसे में इस दिन वह बंगाली स्टाइल में धोती और पंजाबी पहन कर अपने घर में मां दुर्गा की पूजा करेंगे।

पूजा के चारों दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

पूजा के 4 दिन इजेड सीसी में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। डोना गांगुली के नृत्य की भी प्रस्तुति की जाएगी। संस्कृत में मातृ वंदना की जाएगी। 10 महिला और 10 पुरुष ढाकी का दल मौजूद रहेगा।

नवमी तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरुलिया के छऊ नाच से लेकर बाउल गान, दोहर गान आदि शामिल है। इन सबके माध्यम से बंगाल की संस्कृति पेश करने की कोशिश की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दुर्गा पूजा और बंगाल की संस्कृति को पेश कर भाजपा बंगाली सेंटीमेंट को छूना चाहती है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने  किया कई स्थानों पर दुर्गा पूजा का उद्घाट

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई स्थानों पर दुर्गा पूजा का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कोलकाता में युवा मैत्री, कालीघाट श्री संघ, 62 पल्ली, भवानीपुर 76 पल्ली, भवानीपुर 75 पल्ली, स्वाधीन संघ, चक्रबेड़िया, पद्दपुकुर, बाटाम क्लब, गोल माठ, अवसर, प्रियनाथ मल्लिक, बकुल बागान, 22 पल्ली, अलीपुर 78 पल्ली, अलीपुर सकल पल्ली समिति, सुरुचि संघ, कोलाहल, अलीपुर सार्वजनिन व बॉडीगार्ड लाइंस क्लबों के पूजा आयोजनों का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूजा मंडपों में दीप प्रज्ज्वलित कर देवी के चरणों में पुष्प अर्पित किए। बताते चलें कि मुख्यमंत्री ने लगातार तीसरे दिन कोलकाता के कई पंडालों में जाकर इसका उद्घाटन किया। उससे पहले बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिनों तक मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल व दक्षिण बंगाल के जिलों में राज्य सचिवालय नवान्न से ही डिजिटल माध्यम से पंडालों का उद्घाटन किया था।

बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर हाईकोर्ट की रोक

बंगाल में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल नो एंट्री जोन घोषित होंगे। यानी पंडाल में दर्शन के लिए आम लोग नहीं जा सकेंगे। पंडालों में सिर्फ आयोजकों की ही एंट्री होगी।

दरअसल, बिजली विभाग के एक पूर्व कर्मचारी अजय कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसमेंं उन्होंने कहा था कि जब कोरोना के संक्रमण के कारण शिक्षण संस्थान बंद हैं तो फिर सरकार ने दुर्गा पूजा की अनुमति क्यों दी है। इसी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करतेे हुए न्यायाधीश संजीब बंद्योपाध्याय ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों की संख्या में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है और मौजूदा पुलिस बल के जरिए ऐसी स्थिति में शारीरिक दूरी का पालन कराना बेहद मुश्किल कार्य है। लिहाजा दुर्गा पूजा पंडालों में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी होगी।

पंडालों से पहले लगाने होंगे बैरिकेड

हाईकोर्ट ने कहा कि पंडालों से पहले बैरिकेड लगाने होंगे। इसके अलावा इनमें नो एंट्री के बोर्ड लगाने होंगे। सभी बड़े पंडालों को 10 मीटर की दूरी पर जबकि छोटे पंडालों को पांच मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे। पूजा पंडालों में सिर्फ आयोजक ही मौजूद रह सकेंगे। इनमें बड़े पूजा पंडालों में 25 और छोटे में 15 लोगों को जाने की अनुमति होगी। इसके लिए भी सभी के नाम पंडालों के सामने सूची के रूप में चस्पाना होगा और लिखना होगा कि कौन लोग किस समय पंडाल में रहेंगे।

कोर्ट ने कहा, इतनी पुलिस नहीं कि पंडालों में दर्शनार्थियों को नियंत्रित कर सके 

हाईकोर्ट ने कहा कि कोलकाता में इतनी पुलिस नहीं है कि 3000 पंडालों में दर्शनार्थियों को नियंत्रित कर सके। जिलों में स्थिति और भी खराब है। हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक व कोलकाता पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि पूजा पंडालों में अदालत के आदेश पर कितना अमल हुआ इसकी जानकारी हलफनामा के रूप में पांच नवंबर को सुनवाई के दौरान देनी होगी। इधर, महानगर के पूजा आयोजकों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर यह फैसला स्वागत योग्य है। कोरोना महामारी से बंगाल में हर दिन पचास से अधिक लोगों की जानेें जा रही हैं। वहीं, संक्रमित होने वालों का आंकड़ा नित नया रिकार्ड बना रहा है। हर दिन संक्रमित होने वालों की संख्या चार हजार के करीब पहुंच चुकी है।