डब्ल्यूएचओ भारत के लिए फंड जुटाने के लिए ‘टुगेदर फॉर इंडिया’ अभियान चला रहा

भारत के डबल म्यूटेंट कोरोना वायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने डबल म्यूटेंट यानी बी.1.617 वैरिएंट को वैश्विक चिंता का कारण बताया है। पहली बार इस वैरिएंट की पहचान पिछले साल हुई थी।

मारिया वान करखोवे ने कहा- डबल म्यूटेंट कोरोना वायरस वैश्विक खतरा

डब्ल्यूएचओ की मारिया वान करखोवे ने कहा, ‘हम इस वायरस को वैश्विक स्तर पर चिंता के कारण के रूप में वर्गीकृत कर रहे हैं। ऐसी जानकारियां हैं, जिससे इसकी संक्रामकता बढ़ने का पता लग रहा है।’

डब्ल्यूएचओ ने कहा- भारतीय वैरिएंट कई देशों में फैल चुका

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि बी.1.617 का करीबी वैरिएंट भारत में पिछले साल दिसंबर में देखा गया था। वहीं, इससे पहले का एक वैरिएंट अक्टूबर, 2020 में देखा गया था। यह वैरिएंट अब तक कई देशों में फैल चुका है।

वान ने कहा- तेजी से बढ़ते संक्रमण के चलते कई देशों ने भारत से आवाजाही प्रतिबंधित कर दी

तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण कई देशों ने भारत से आवाजाही सीमित या प्रतिबंधित कर दी है। वान ने कहा कि मंगलवार तक इस वैरिएंट और इसी के क्रम के तीन अन्य वैरिएंट से जुड़ी कुछ और जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।

भारत में दूसरी लहर के तेजी से फैलने का कारण डबल म्यूटेंट वायरस

इस वायरस की संक्रमण क्षमता बहुत ज्यादा है। भारत में दूसरी लहर के बहुत तेजी से फैलने का कारण इसी वैरिएंट को माना जा रहा है। कुछ दिन पहले ही डब्ल्यूएचओ ने बताया था कि 17 देशों में यह वैरिएंट देखा जा चुका है।

डब्ल्यूएचओ भारत के लिए फंड जुटाने के लिए लिए ‘टुगेदर फॉर इंडिया’ अभियान चला रहा

इस बीच, डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडनम ने कहा कि भारत में आक्सीजन, दवा और अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन ‘टुगेदर फॉर इंडिया’ अभियान चला रहा है।