राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) के आधे मंत्रालयिक कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल में तैनात कुल 65 कर्मचारियों में से 38 अगर जनगणना ड्यूटी पर चले गए तो RGHS, मां योजना, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, मेडिकल और दिव्यांग बोर्ड समेत अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने दखल देते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर इन सभी की ड्यूटी निरस्त करने के सिफारिश की है।
दरअसल SMS हॉस्पिटल में वर्तमान में 65 मंत्रालयिक कर्मचारी नियुक्त हैं। इनका डेली रूटिन के काम के लिए आदेश, दिशा-निर्देश निकालना, आवश्यक सेवाओं से संबंधित फाइलों पर काम करना है। करीब 10 दिन पहले 13 अप्रैल को नगर निगम के आदर्श नगर जोन उपायुक्त और जनगणना अधिकारी ने आदेश जारी करके इनमें से 38 कर्मचारियों (करीब 58 फीसदी) की ड्यूटी जनगणना में लगा दी। जोन उपायुक्त का आदेश मिलते ही हॉस्पिटल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
इन सेवाओं के प्रभावित होने का दिया हवाला
इन कर्मचारियों की ड्यूटी निरस्त करने के लिए हॉस्पिटल अधीक्षक ने आयुक्त मेडिकल एजुकेशन को सिफारिश की। उन्होंने बताया- अगर ये कर्मचारी हॉस्पिटल में ड्यूटी पर नहीं आए तो मेडिकल बोर्ड, दिव्यांगता प्रमाणन, वीवीआईपी विजिट, कोर्ट के आदेशों के तहत स्वास्थ्य परीक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं (मां योजना, आरजीएचएस, प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, निरोगी राजस्थान जैसी योजना) के संचालन में परेशानी होगी।
अधीक्षक के पत्र के बाद आयुक्त ने जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन सभी कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की। साथ ही कहा कि भविष्य में जनगणना या चुनाव ड्यूटी से भी इन कर्मचारियों को मुक्त रखा जाए, ताकि हॉस्पिटल का काम प्रभावित न हो।
2018 में तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी निकाले थे आदेश
29 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी आदेश जारी करते हुए अस्पतालों के लेखा, मंत्रालयिक और आईटी स्टाफ को चुनाव और जनगणना जैसे कार्यों से मुक्त रखने के निर्देश दिए थे। ताकि मरीज सेवाएं प्रभावित न हों। इसके बावजूद नगर निगम ने आदेश निकालकर कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी।