पठानकोट में दो क्रशर कारोबारियों, तारागढ़ के एक प्रॉपर्टी डीलर और एक स्थानीय नेता के ठिकानों पर चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई शनिवार को खत्म हो गई है। करीब 48 घंटे से अधिक समय तक चली जांच के बाद ईडी की टीमें वापस लौट गईं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने जांच के दौरान करीब 6 ठिकानों पर संपत्ति, आय और आय के स्रोतों से जुड़े रिकॉर्ड समेत कारोबार से संबंधित कई दस्तावेजों की जांच की। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने कारोबारियों के लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिजिटल डेटा भी जुटाया है। हालांकि, इन कार्रवाईयों और बरामद दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
- संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी: ईडी की जांच का मुख्य केंद्र 92 एकड़ की चर्चित जमीन रही। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमों ने इस जमीन की दो दिनों तक पैमाइश करवाई और यहां हुई खनन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। बताया जा रहा है कि टीम ने जमीन पर हुए वैध या अवैध खनन से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।
- खनन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड व रिपोर्ट जुटाई: ईडी अधिकारियों ने दो दिनों तक इस विवादित जमीन की पैमाइश करवाई और खनन गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड व रिपोर्ट जुटाई। फिलहाल ईडी की कार्रवाई समाप्त हो चुकी है और सभी टीमें वापस लौट गई हैं। तीन दिनों तक चली इस पूरी कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है।
- रावी में माइनिंग की गहराई मापने के लिए ड्रोन से पैमाइश: नरोट जैमल सिंह क्षेत्र के रावी दरिया किनारे ED की टीमों ने अवैध खनन की ‘सटीक गहराई’ का पर्दाफाश करने के लिए हाईटेक ड्रोन कैमरों से पैमाइश कराई गई है। सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती के बीच अधिकारियों की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की है।
- इन ठिकानों पर मुख्य रूप से हुई कार्रवाई: ईडी की कार्रवाई का मुख्य केंद्र शहर के सियाली रोड और शाह कॉलोनी स्थित दो बड़े क्रशर कारोबारियों के ठिकाने रहे। इसके अलावा, नरोट जैमल सिंह और दतियाल स्थित स्टोन क्रशर यूनिटों पर भी छापेमारी कर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की गई। वहीं, तारागढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर भी ईडी ने जांच की। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति पहले कांग्रेस से जुड़ा था और आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद ‘आप’ में शामिल हो गया था।
- कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के गांव भी पहुंची ईडी की टीम: तारागढ़ में ‘आप’ के पूर्व सरपंच के यहां रिकॉर्ड खंगालने और पूछताछ के बाद ईडी की टीम सुरक्षा बलों के साथ पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री लालचंद के गांव कटारूचक्क पहुंची। टीम ने वहां पूर्व सरपंच के एक रिश्तेदार और करीबी से पूछताछ की। ये लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं और कैबिनेट मंत्री के करीबी माने जाते हैं।
- कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पूरी गोपनीयता: ईडी की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पूरी गोपनीयता बरती गई। इस संबंध में जब पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ईडी एक केंद्रीय जांच एजेंसी है और इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।