डॉक्टर ने नाबालिग का अबॉर्शन किया,पुलिस ने घूस लेकर छोड़ा:CI और कॉन्स्टेबल पर 7 लाख लेने का आरोप, SP ने दोनों को हटाया

कोटा के चेचट थाने के सीआई सुरेंद्र सिंह विश्नोई और कॉन्स्टेबल महावीर को कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने लाइन हाजिर कर दिया। दोनों ने सीहोर (मध्यप्रदेश) के निजी अस्पताल मां नर्मदा के संचालक को नाबालिग के अबॉर्शन कराने के मामले में कार्रवाई नहीं की। वहीं अस्पताल संचालक डॉ. एनआर आजाद से 7 लाख लेकर मामले को दबा दिया।

सुजीत शंकर ने बताया कि दोनों पर रुपए लेकर मामले को दबाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। फिलहाल दोनों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है, वहां से सीआई और कॉन्स्टेबल पर आगे की कार्रवाई होगी।

यह था मामला

कोटा ग्रामीण इलाके के एक गांव से कुछ समय पहले एक लड़का एक नाबालिग को लेकर भाग गया था। इस संबंध में परिजनों ने मामला दर्ज करवाया। शुरुआत में पुलिस को लड़का-लड़की नहीं मिले। कुछ दिनों बाद उन्हें दस्तयाब कर लिया गया, लेकिन जांच अधूरी रह गई। इसके बाद मामला जांच के लिए चेचट सीआई सुरेंद्र सिंह को दिया गया।

दो बार डॉक्टर को थाने बुलाया, पर गिरफ्तारी नहीं की

दो बार डॉक्टर को थाने बुलाया, पर गिरफ्तारी नहीं की गई। डीएसपी की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चेचट पुलिस एक बार सीहोर गई थी। दो बार डॉक्टर को चेचट थाने बुलाया गया। 3 मार्च और 8 मार्च को डॉक्टर चेचट थाने पर आया। वहां काफी देर तक रुका भी। उसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जबकि नाबालिग का गर्भपात कराना गैरकानूनी है। डॉक्टर ने अबॉर्शन कराने से पहले कोई दस्तावेज भी नहीं लिए थे।

8 लाख में सौदा हुआ, दो बार में 7 लाख लिए

जांच में आया कि लड़का-लड़की मां नर्मदा अस्पताल गए और वहां गर्भपात कराया था। गर्भपात खुद डॉ. आजाद ने किया। 2 मार्च को कॉन्स्टेबल महावीर और अन्य पुलिसकर्मी अस्पताल गए। वे डॉक्टर आजाद को साथ लेकर आ गए।

थाने में सीआई ने डॉ. आजाद से पूछताछ की। इसके बाद कॉन्स्टेबल महावीर ने डॉक्टर को अकेले में ले जाकर मामला निपटाने के लिए 8 लाख रुपए मांगे। उन्हें धमकी भी दी कि पैसा नहीं देने पर डॉक्टर और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त हो जाएगा, जेल भी जाना पड़ेगा। डॉक्टर ने कहा कि वे 7 लाख रुपए दे सकते हैं। डॉक्टर ने दोस्तों से 6.50 लाख रुपए मंगाए। महावीर उन्हें कार से होटल मालदार में ले गया और वहां 6.50 लाख दिए गए।

8 मार्च को वापस थाने आए और महावीर को थाने के स्वागत कक्ष में 50 हजार रुपए दिए। पैसा देने के बाद ही सीआई और महावीर ने उन्हें छोड़कर घर जाने दिया। रामगंजमंडी सीओ घनश्याम मीणा ने डॉ. आजाद के बयान लिए। उन्होंने जांच में माना कि डॉक्टर को छोड़ने की एवज में सीआई और कॉन्स्टेबल ने 7 लाख रुपए लिए। इसके बाद एसपी ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया।

डीएसपी घनश्याम मीणा ने बताया कि चेचट थाना क्षेत्र के एक गांव का युवक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पूछताछ में सामने आया कि लड़की प्रेग्नेंट थी। दोनों को जुलाई 2024 में मध्यप्रदेश के सीहोर से दस्तयाब किया गया।

जांच में खुलासा हुआ कि सीहोर स्थित नर्मदा हॉस्पिटल में डॉक्टर आजाद द्वारा अबॉर्शन कराया गया, जबकि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के जरूरी दस्तावेज नहीं लिए गए। फिलहाल आरोपी युवक फरार है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।